Nawarnya mantra
सर्वप्रथम तो यह जानें की इस " नवार्ण " शब्द का अर्थ क्या है।इस मंत्र में नौ वर्ण व्यंजन " ऐ " से "च्चे" तक होते हैं । अतः इसे नवार्ण मन्त्र कहा जाता है ।
अब इसके विशुद्ध उच्चारण पर विचार करते हैं । अधिकतर ही लोग यहाँ तक कि tv पर आने वाले ज्योतिषियों और धर्म गुरुओं को भी अशुद्ध उच्चारण करते पॉया है । अतः इसके शुद्ध उच्चारण को बताता हूँ क्योंकि नवरात्र निकट हैं और सभी देवी भक्त इसका उच्चारण अवश्य करते हैं
ॐ "ऐं" में ऐ के ऊपर जो बिंदी है उसे " नकार " में अर्थात ऐ +न =ऐं इस प्रकार बोला जाएगा ।
फिर " ह्रीं " ह्री के ऊपर जो बिंदी है वो " मकार" में बोली जाएगी । ह्री +म= ह्रीं इस प्रकार जानें ।
" क्लीं " के ऊपर की बिंदी भी " मकार में ही बोली जाएगी । कली +म= क्लीं , इस प्रकार जानें ।
" चामुण्डायै " का " यै " का उच्चारण हिंदी का नहीं बोला जाता , वास्तविक उच्चारण है "यई " । चामुण्डा + यई = चामुण्डायै । सँस्कृत में ऊपर दो मात्राओं का उच्चारण " अयी " इस प्रकार का होता है ।
बाकी तो बोलने में किसी को कठिनाई नहीं होती।
" नवार्ण मंत्र " का अर्थ
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" हे चित्स्वरूपिणी महासरस्वती । हे सदरूपिणी महालक्ष्मी । हे आनन्दरूपिणी महाकाली । ब्रह्मविद्या पाने के लिए हम सब समय तुम्हारा ध्यान ध्यान करते हैं । हे महाकाली- हे महालक्ष्मी-हे महासरस्वतीस्वरूपिणी चण्डिके ।तुम्हें नमस्कार है । अविद्यारूपी रज्जू ( रस्सी ) की दृढ़ ग्रंथि ( गाँठ ) को खोल कर मुझे मुक्त कर दो ।
विधि :-- यूँ तो इसकी विधि में सर्वप्रथम विनियोग, ऋष्यादिन्यास , करन्यासादि ,ध्यान करके जपते हैं ।जो हैं तो सँस्कृत में और बड़े ही सरल हैं । किसी भी " दुर्गासप्तशती " में नवार्ण मंत्र के साथ मिलते हैं । किंतु जो जैसे कर सकता है 🚩🚩करे। मेरा उद्देश्य केवल शुद्ध उच्चारण बताना था ।🚩🚩Jai mata di
अब इसके विशुद्ध उच्चारण पर विचार करते हैं । अधिकतर ही लोग यहाँ तक कि tv पर आने वाले ज्योतिषियों और धर्म गुरुओं को भी अशुद्ध उच्चारण करते पॉया है । अतः इसके शुद्ध उच्चारण को बताता हूँ क्योंकि नवरात्र निकट हैं और सभी देवी भक्त इसका उच्चारण अवश्य करते हैं
ॐ "ऐं" में ऐ के ऊपर जो बिंदी है उसे " नकार " में अर्थात ऐ +न =ऐं इस प्रकार बोला जाएगा ।
फिर " ह्रीं " ह्री के ऊपर जो बिंदी है वो " मकार" में बोली जाएगी । ह्री +म= ह्रीं इस प्रकार जानें ।
" क्लीं " के ऊपर की बिंदी भी " मकार में ही बोली जाएगी । कली +म= क्लीं , इस प्रकार जानें ।
" चामुण्डायै " का " यै " का उच्चारण हिंदी का नहीं बोला जाता , वास्तविक उच्चारण है "यई " । चामुण्डा + यई = चामुण्डायै । सँस्कृत में ऊपर दो मात्राओं का उच्चारण " अयी " इस प्रकार का होता है ।
बाकी तो बोलने में किसी को कठिनाई नहीं होती।
" नवार्ण मंत्र " का अर्थ
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" हे चित्स्वरूपिणी महासरस्वती । हे सदरूपिणी महालक्ष्मी । हे आनन्दरूपिणी महाकाली । ब्रह्मविद्या पाने के लिए हम सब समय तुम्हारा ध्यान ध्यान करते हैं । हे महाकाली- हे महालक्ष्मी-हे महासरस्वतीस्वरूपिणी चण्डिके ।तुम्हें नमस्कार है । अविद्यारूपी रज्जू ( रस्सी ) की दृढ़ ग्रंथि ( गाँठ ) को खोल कर मुझे मुक्त कर दो ।
विधि :-- यूँ तो इसकी विधि में सर्वप्रथम विनियोग, ऋष्यादिन्यास , करन्यासादि ,ध्यान करके जपते हैं ।जो हैं तो सँस्कृत में और बड़े ही सरल हैं । किसी भी " दुर्गासप्तशती " में नवार्ण मंत्र के साथ मिलते हैं । किंतु जो जैसे कर सकता है 🚩🚩करे। मेरा उद्देश्य केवल शुद्ध उच्चारण बताना था ।🚩🚩Jai mata di

Om namha shivay
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